सोहनलाल परिहार
भीम प्रज्ञा न्यूज.बीकानेर। नागौर जिले के बहुचर्चित डांगावास नरसंहार मामले में एससी-एसटी विशेष न्यायालय, मेड़ता द्वारा सभी 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के बाद मेघ सेना में आक्रोश है। मामले में न्याय की मांग को लेकर मेघ सेना के पदाधिकारियों ने बीकानेर में जिला कलेक्टर के निजी सहायक के माध्यम से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। मेघ सेना ने ज्ञापन में मांग की कि मेड़ता स्थित एससी-एसटी विशेष न्यायालय के फैसले के विरुद्ध राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर में राज्य सरकार की ओर से तत्काल प्रभावी अपील दायर की जाए, ताकि मामले का उच्च न्यायालय में न्यायिक परीक्षण हो सके। संगठन ने ज्ञापन में कहा कि 14 मई 2015 को हुए डांगावास नरसंहार में 5 दलितों सहित 6 लोगों की जान गई थी। मामले की सीबीआई जांच के बावजूद साक्ष्यों के अभाव में सभी 40 आरोपियों का बरी होना जांच प्रणाली, अभियोजन और गवाह संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संगठन ने मामले की प्रभावी पैरवी और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की।
15 दिन का अल्टीमेटम
मेघ सेना ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित अवधि में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर नहीं की गई तो पूरे राजस्थान में मेघवाल समाज की ओर से आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। बीकानेर में स्वतंत्रता दिवस समारोह और मुख्यमंत्री के आगामी दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियों में जिला कलेक्टर की व्यस्तता के कारण ज्ञापन उनके निजी सहायक को सौंपा गया। ज्ञापन सौंपते समय मेघ सेना के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सोहन लाल मेघवाल, जिला अध्यक्ष बिरजु राम मेघवाल, एडवोकेट बहादुर सिंह सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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