भीम प्रज्ञा न्यूज | बुहाना।
झुंझुनू जिले के बुहाना उपखंड क्षेत्र के गांव सहड़ की मेघवाल बस्ती में पिछले करीब 20 दिनों से पेयजल संकट गहराया हुआ है। पानी की टंकी सूखी पड़ी है और सार्वजनिक कुएं से पानी सप्लाई करने वाली मोटर खराब होने के बाद उसकी केबल व पाइप निकालकर सड़क किनारे रख दिए गए हैं। लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है। रविवार को परेशान महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कुएं के पास पहुंचकर विरोध जताते हुए पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
मोटर खराब, सड़क किनारे पड़े पाइप और केबल
ग्रामीणों के अनुसार बस्ती में पेयजल आपूर्ति के लिए सार्वजनिक कुएं पर लगी मोटर लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। कुएं में पानी का स्तर कम होने के कारण मोटर भी रुक-रुककर चलती थी, लेकिन अब करीब 20 दिन से मोटर पूरी तरह बंद है। मोटर की केबल और पाइप कुएं से निकालकर सड़क किनारे पड़े हैं। इसके बावजूद जलदाय विभाग और ग्राम पंचायत की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं करवाया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत को समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार समाधान का आश्वासन ही मिलता है। पानी की व्यवस्था बहाल नहीं होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
पानी के लिए महिलाओं को तय करना पड़ रहा लंबा रास्ता
बस्ती में सार्वजनिक बोरवेल के सूख जाने से महिलाओं के सामने सबसे बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। पेयजल के लिए उन्हें आसपास के खेतों में लगे निजी बोरवेल और कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार महिलाओं को काफी दूर तक सिर पर पानी के बर्तन रखकर पैदल आना-जाना पड़ता है।
महिलाओं ने बताया कि घर के लिए पानी जुटाने में ही दिन का काफी समय निकल जाता है। इससे खेत-खलिहान और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। दूसरे स्थानों से पानी लाने के दौरान उन्हें परेशानी के साथ-साथ कई बार दूसरे लोगों के ताने भी सुनने पड़ते हैं।
सूखी टंकी, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती में पानी की टंकी बनी हुई है, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण वह भी लंबे समय से सूखी पड़ी है। गर्मी और बढ़ती पानी की जरूरत के बीच ग्रामीणों को एक-एक बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल खराब मोटर को दुरुस्त कराने अथवा नई मोटर लगवाने के साथ पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
महिलाओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज महिलाओं ने कुएं के पास एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वे अपनी समस्या सरपंच और जलदाय विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
विरोध करने वाली महिलाओं में सुमित्रा देवी, संतोष, माया देवी, सोनिया, राजबाला, सुमन मेघवाल, चिड़िया देवी, कमला, मदन, राजेंद्र, रश्मि, सुमन, सुनीता, रामादेवी, कविता, सुमित्रा, सजना, इमरती, शीला और कृष्णा , सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र पेयजल व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि कागजी आश्वासनों के बजाय मौके पर कार्रवाई कर बस्ती में तत्काल पानी की व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके।
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20 दिन से मोटर खराब, बूंद-बूंद पानी को तरसे सहड़ की मेघवाल बस्ती के लोग
सूखी पानी की टंकी और बंद पड़ी मोटर के चलते गहराया पेयजल संकट, महिलाओं ने कुएं पर पहुंचकर जताया विरोध; स्थायी समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी


सहड़ गांव में पेयजल किल्लत से परेशान महिलाओं ने जाता विरोध

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