भीम प्रज्ञा न्यूज.जयपुर। राजस्थान में शहरी सरकार के चुनाव का इंतजार अब खत्म हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी 309 शहरी निकायों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव दो चरणों में कराए जाएंगे। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा। मतगणना के बाद 14 सितंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी शहरी निकाय क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि 27 अगस्त को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 3 सितंबर तक नाम वापस ले सकेंगे। पार्षदों के चुनाव के बाद निकाय प्रमुखों के चुनाव की प्रक्रिया होगी। नगर निगमों में महापौर, नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष का चुनाव 21 सितंबर को होगा। इसके अगले दिन 22 सितंबर को उपाध्यक्ष, उपसभापति और डिप्टी मेयर के चुनाव कराए जाएंगे। इसी दिन संबंधित निकायों की साधारण सभा की बैठक भी होगी।

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प्रदेश के 309 शहरी निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव होंगे। इनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम सामने आते ही संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों में सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। दावेदार अब टिकट और चुनावी रणनीति को लेकर तैयारियों में जुटेंगे।

आचार संहिता लागू होने के बाद शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों से जुड़ी नई घोषणाएं नहीं की जा सकेंगी। नए कार्यों के वर्क ऑर्डर भी जारी नहीं होंगे और नए काम शुरू नहीं किए जा सकेंगे। हालांकि, पहले से स्वीकृत और चल रहे कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रह सकेंगे। निकाय चुनाव की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने तक आचार संहिता प्रभावी रहेगी।

ईवीएम से होगी वोटिंग

राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने कहा- सभी शहरी निकायों में EVM से वोटिंग होगी। निकाय चुनाव में 1.15 लाख कर्मचारी लगेंगे और सुरक्षा व्यवस्था में 98,709 पुलिसकर्मी लगेंगे। उम्मीदवारों को 15 दिन में चुनाव खर्च का ब्योरा देना होगा