विजय रंगा (ब्यूरो चीफ)
भीम प्रज्ञा न्यूज.फतेहाबाद। डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं। फर्जी लोन ऐप के जरिए आसान और तुरंत ऋण का लालच देकर ठगी और ब्लैकमेलिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर, आईपीएस ने जिलावासियों से सतर्क रहने की अपील की है। एसपी ने बताया कि साइबर ठग सोशल मीडिया विज्ञापन, व्हाट्सऐप मैसेज, एसएमएस और संदिग्ध लिंक के माध्यम से लोगों को फर्जी लोन ऐप डाउनलोड करवाते हैं। ऐप इंस्टॉल होने के बाद कांटेक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन जैसी निजी जानकारियों की अनुमति मांगी जाती है। जल्द लोन मिलने के लालच में लोग इन अनुमतियों को स्वीकार कर लेते हैं, जिसके बाद उनकी निजी जानकारी ठगों के हाथ लग जाती है। उन्होंने बताया कि कई मामलों में शुरुआत में छोटी रकम देकर भरोसा जीता जाता है। बाद में भारी ब्याज, अतिरिक्त शुल्क और तुरंत भुगतान का दबाव बनाया जाता है। रकम नहीं देने पर परिचितों को फोन करने, निजी तस्वीरों से छेड़छाड़ कर वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर पीड़ितों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
एसपी ने नागरिकों से कहा कि लोन के लिए केवल विश्वसनीय बैंक और अधिकृत वित्तीय संस्थानों के माध्यम का इस्तेमाल करें। अनजान लिंक से ऐप डाउनलोड न करें और किसी ऐप को अनावश्यक रूप से कांटेक्ट, गैलरी या माइक्रोफोन की अनुमति न दें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों, स्क्रीनशॉट और बैंक ट्रांजेक्शन की जानकारी सुरक्षित रखने की भी अपील की। एसपी ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस की ओर से स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सतर्कता ही साइबर ठगी के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
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फर्जी लोन ऐप के झांसे से रहें सावधान, एक क्लिक पड़ सकता है भारी: एसपी निकिता खट्टर



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