भीम प्रज्ञा न्यूज.पचेरी। देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और युवाओं में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ में सिंघानिया विश्वविद्यालय ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए गौरवपूर्ण सहभागिता की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 27 अगस्त को ऑनलाइन माध्यम से देशभर में करीब 1600 स्थानों से जुड़े सैकड़ों विद्यार्थियों एवं युवाओं को संबोधित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए राजस्थान से चयनित शिक्षा संस्थानों की ‘ए श्रेणी’ के तीन विश्वविद्यालयों में सिंघानिया विश्वविद्यालय का चयन होना विश्वविद्यालय के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि माना गया।
’2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर’
‘खेलो इंडिया संवाद’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वीं सदी के आधुनिक और सशक्त खेल इकोसिस्टम के निर्माण की परिकल्पना देश के सामने रखी। उन्होंने विशेष रूप से 2036 ओलंपिक के लिए भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत तैयारी पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को लक्षित करते हुए व्यापक प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के माध्यम से बच्चों की फिटनेस, रुचि और खेल क्षमता के आधार पर युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें शुरुआती स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत के पास विविध भौगोलिक परिस्थितियां हैं और इनका उपयोग नए एवं उभरते खेलों को बढ़ावा देने में किया जा सकता है। देश अपनी विस्तृत तटरेखा और पर्वतीय क्षेत्रों का उपयोग करते हुए सर्फिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग सहित जल, शीतकालीन और अन्य उभरते खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
’जिला स्तर तक मजबूत होगा खेल इकोसिस्टम’
प्रधानमंत्री ने खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए इसे युवाओं के व्यक्तित्व विकास और स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने जिला स्तर पर मजबूत खेल इकोसिस्टम विकसित करने, खेल विश्वविद्यालयों की भूमिका बढ़ाने, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल विज्ञान और कोचिंग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। प्रधानमंत्री ने पैरा-एथलीटों को पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि खेलों की उपलब्धियां समाज में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करती हैं।
’नशे के खिलाफ खेलों को बनाया प्रभावी माध्यम’
प्रधानमंत्री ने युवाओं के जीवन में खेलों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि खेल स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। उन्होंने युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में खेलों को एक प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने भी युवाओं के बीच नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं में उत्कृष्टता, प्रतिभा और अभिव्यक्ति के बेहतर संगम का आह्वान किया।
’स्मार्ट लर्निंग कक्षा में जुटे 100 से अधिक विद्यार्थी’
सिंघानिया विश्वविद्यालय परिसर में कार्यक्रम को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। विश्वविद्यालय की नवनिर्मित ‘स्मार्ट लर्निंग’ कक्षा में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ऑनलाइन माध्यम से देखा और सुना। कार्यक्रम में चिड़ावा के पूर्व प्रधान श्री कैलाश मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पुरुषोत्तम दास भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। अतिथियों और विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना तथा खेलों को लेकर देश में बन रही नई नीतियों एवं संभावनाओं की जानकारी प्राप्त की।
’राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की रही विशेष मौजूदगी’
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने भी इसमें सहभागिता की। विश्वविद्यालय के छात्र एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दीपांशु और रितिक कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे।इसके अलावा अरुण और निर्मला ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। दोनों ने वर्ष 2026 में मलेशिया में आयोजित पैरा थ्रोबॉल चौंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी मौजूदगी ने विद्यार्थियों में खेलों के प्रति उत्साह और प्रेरणा का संचार किया।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ियों ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। इससे विद्यार्थियों को यह संदेश मिला कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर छोटे शहरों और शिक्षण संस्थानों से निकलकर खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं।
’खेल और शिक्षा के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल’
‘खेलो इंडिया संवाद’ के माध्यम से प्रधानमंत्री द्वारा खेलों को शिक्षा और युवा विकास से जोड़ने की दिशा में रखे गए विचारों को सिंघानिया विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक ग्रहण किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आधुनिक भारत में शिक्षा के साथ-साथ फिटनेस, खेल प्रतिभा, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली को भी समान महत्व दिया जा रहा है।विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को देश के खेल भविष्य से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया। साथ ही प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप नई पीढ़ी को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने, अपनी प्रतिभा पहचानने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के प्रो-वीसी डॉ. पवन त्रिपाठी ने किया। अंत में परिसर निदेशक प्रो. पी. एस. जस्सल ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। सिंघानिया विश्वविद्यालय का ‘खेलो इंडिया संवाद’ में चयन और सक्रिय सहभागिता न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय रही, बल्कि इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी राष्ट्रीय खेल अभियान और देश के भविष्य के खेल विजन से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिला।
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खेलो इंडिया संवाद में सिंघानिया विश्वविद्यालय की शानदार सहभागिता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के विद्यार्थियों से किया संवाद, 2036 ओलंपिक की तैयारियों और युवा प्रतिभाओं को निखारने पर दिया जोर



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