भीम प्रज्ञा न्यूज़.सूरजगढ़। 2 अक्टूबर भारतीय इतिहास में महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के रूप में विशेष महत्व रखता है। इसी दिन झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ क्षेत्र में जन्मे श्रवण कुमार ने भी सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई। श्रवण कुमार का जन्म 2 अक्टूबर 1954 को सूरजगढ़ तहसील की घरडू की ढाणी में हुआ। किसान परिवार से आने वाले श्रवण कुमार की राजनीतिक यात्रा ग्राम पंचायत स्तर से शुरू होकर राजस्थान विधानसभा तक पहुंची। श्रवण कुमार ने वर्ष 1981 में ग्राम पंचायत जीणी के सरपंच के रूप में स्थानीय राजनीति में कदम रखा। इसके बाद वर्ष 1988 में पंचायत समिति सूरजगढ़ के उपप्रधान बने। ग्रामीण राजनीति में सक्रियता के बाद उन्होंने विधानसभा चुनाव का रुख किया और वर्ष 1993 में पिलानी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पहली बार विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार विधानसभा से जुड़ा रहा।
वर्ष 1998 में पिलानी से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उन्होंने चुनाव जीता। वर्ष 2003 में भी पिलानी से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने जीत दर्ज की। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में वे निर्वाचित नहीं हो सके, लेकिन 2014 में सूरजगढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में उन्होंने फिर जीत हासिल कर विधानसभा में वापसी की। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्हें विधानसभा चुनाव में जीत नहीं मिली, जबकि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सूरजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में उन्होंने 1,15,684 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी संतोष अहलावत को 78,270 मत मिले और जीत का अंतर 37,414 मत रहा।
विधानसभा के चुनावी रिकॉर्ड के अनुसार श्रवण कुमार 10वीं, 11वीं, 12वीं, 13वीं, 14वीं और 16वीं विधानसभा के सदस्य रहे हैं। इस तरह वे अब तक छह बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। उनके विधानसभा सफर में पिलानी और सूरजगढ़ दोनों क्षेत्रों का राजनीतिक इतिहास जुड़ा हुआ है। वर्ष 1993 में उनका पहला विधानसभा चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में था, जबकि बाद के अधिकांश चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लड़े।
ग्रामीण राजनीति से विधानसभा तक
श्रवण कुमार की राजनीतिक यात्रा की खास बात यह रही कि उनकी शुरुआत सीधे विधानसभा की राजनीति से नहीं बल्कि ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर से हुई। सरपंच और उपप्रधान के रूप में ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय राजनीति से जुड़े अनुभव के बाद उन्होंने विधानसभा की राजनीति में प्रवेश किया। यही वजह है कि उनके राजनीतिक सफर में ग्रामीण क्षेत्र, पंचायत व्यवस्था, पानी, सड़क, शिक्षा और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दे लगातार दिखाई देते रहे हैं। सूरजगढ़ क्षेत्र में पेयजल का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। श्रवण कुमार ने विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया और कुम्भाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में पानी पहुंचाने की मांग को प्रमुखता से रखा। वर्ष 2025 में सूरजगढ़ और उदयपुरवाटी क्षेत्र से जुड़ी कुम्भाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना के लिए करीब 1,092.22 करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इस परियोजना को लेकर श्रवण कुमार ने सार्वजनिक रूप से राज्य सरकार का आभार भी जताया था।
विधानसभा में छह कार्यकाल
श्रवण कुमार का विधानसभा सफर वर्ष 1993 से शुरू होकर वर्तमान 16वीं विधानसभा तक पहुंचा है। उनके छह निर्वाचित कार्यकाल 1993 — पिलानी विधानसभा निर्दलीय, 1998 पिलानी विधानसभा कांग्रेस, 2003 — पिलानी विधानसभा कांग्रेस, 2008 — सूरजगढ़ विधानसभा, कांग्रेस, 2014 — सूरजगढ़ विधानसभा उपचुनाव, कांग्रेस, 2023 — सूरजगढ़ विधानसभा से कांग्रेस सीट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2023 के चुनाव में उनकी जीत के साथ वे एक बार फिर राजस्थान विधानसभा में पहुंचे। वर्तमान 16वीं विधानसभा में वे सूरजगढ़ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
2 अक्टूबर का संयोग
श्रवण कुमार के जन्मदिन का संयोग भी उल्लेखनीय है। जिस दिन देश महात्मा गांधी की जयंती पर सत्य, अहिंसा और सामाजिक परिवर्तन के उनके विचारों को याद करता है तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता को स्मरण करता है, उसी दिन श्रवण कुमार का जन्म हुआ था। सार्वजनिक जीवन में पांच दशक से अधिक की यात्रा पूरी कर चुके श्रवण कुमार के राजनीतिक सफर में ग्राम पंचायत से विधानसभा तक का लंबा अनुभव शामिल है। छह विधानसभा कार्यकाल, दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से प्रतिनिधित्व और स्थानीय राजनीति से प्रदेश की राजनीति तक की यात्रा उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख कड़ियां हैं। 2 अक्टूबर 2026 को श्रवण कुमार अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर उनके राजनीतिक जीवन को उनके चुनावी सफर, पंचायत स्तर से हुई शुरुआत और वर्तमान विधानसभा प्रतिनिधित्व के संदर्भ में देखा जा सकता है।
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2 अक्टूबर को जन्मे विधायक श्रवण कुमार: पंचायत की राजनीति से छह बार विधानसभा तक का सफर
गांधी और शास्त्री की जयंती के दिन जन्मे सूरजगढ़ विधायक का राजनीतिक सफर पांच दशक से अधिक पुराना

विधायक श्रवण कुमार, सूरजगढ़ विधानसभा


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