भीम प्रज्ञा न्यूज़.पचेरी। बेटियां आज शिक्षा से लेकर खेल के मैदान तक अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर वे साबित कर रही हैं कि अवसर और प्रोत्साहन मिले तो सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। इसी का उदाहरण प्रस्तुत किया है नोबल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, देवलावास की छात्रा रौनक कुमारी भूरीवास ने, जिन्होंने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपने गांव, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। झुंझुनूं जिला खेल संघ, पिलानी (राजस्थान) की ओर से 30 सितंबर 2026 को आयोजित जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भूरिवास गांव निवासी विजेंद्र सिंह की पुत्री रौनक कुमारी ने 16 वर्ष से कम आयु वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लंबी कूद में 3.33 मीटर की छलांग लगाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं ऊंची कूद में 1.32 मीटर का प्रदर्शन कर पहला स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ रौनक ने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
खेल मैदान में बेटियों की बढ़ती उड़ान
रौनक कुमारी की सफलता केवल दो पदकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा है, जो खेलों में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। ग्रामीण परिवेश में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत है तो सही मार्गदर्शन, अभ्यास, संसाधन और परिवार तथा विद्यालय के प्रोत्साहन की। रौनक की उपलब्धि बताती है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत से गांव की बेटियां भी खेलों में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं। आज खेल बालिकाओं के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे बेटियों को पढ़ाई के साथ खेलों में भाग लेने के अवसर भी दें, ताकि उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ने का पूरा मंच मिल सके।
राष्ट्रीय स्तर पर खेलने की उम्मीद
रौनक की इस उपलब्धि पर नोबल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। विद्यालय के प्रबंध निदेशक संदीप नेहरा ने रौनक की सफलता को गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि छात्रा ने अपनी मेहनत और खेल प्रतिभा से क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।उन्होंने रौनक के आगामी राष्ट्रीय स्तर के खेल अवसर के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वह इसी लगन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ेंगी। राष्ट्रीय स्तर पर उनका प्रदर्शन अन्य विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बेटियों को अवसर दें, प्रतिभा को उड़ान दें
रौनक कुमारी की उपलब्धि समाज को यह संदेश देती है कि बेटियों की प्रतिभा को सीमित करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया जाना चाहिए। परिवार का विश्वास, शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास किसी भी खिलाड़ी की सफलता की मजबूत नींव बनते हैं। दो स्वर्ण पदकों के साथ रौनक ने सफलता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। अब उम्मीद है कि उनकी यह उपलब्धि गांव की दूसरी बेटियों को भी खेल का मैदान चुनने, मेहनत करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। दैनिक भीम प्रज्ञा परिवार की ओर से रौनक कुमारी को शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं।