भीम प्रज्ञा न्यूज़. झुन्नार्को । को-ऑर्डिनेशन सेंटर (नकॉर्ड) की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग आईएएस की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक कावेन्‍द्र सिंह सागर आईपीएस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्‍यालय देवेंद्र सिंह राजावत आरपीएस सहित अन्‍य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशे की रोकथाम तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन एवं भंडारण की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को अपने-अपने स्तर पर नियमित निगरानी रखने तथा प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशीले पदार्थों की बिक्री एवं वितरण से जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
बैठक में शैक्षणिक संस्थानों के आसपास मादक पदार्थों की बिक्री पर निगरानी रखने, विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से उपचार एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर चर्चा की गई। शिक्षा विभाग को विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा नशे से प्रभावित विद्यार्थियों की पहचान कर आवश्यक काउंसलिंग करवाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्व विभाग, औषधि नियंत्रण विभाग तथा आबकारी विभाग सहित संबंधित विभागों की भूमिका की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं, उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं तथा प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। वहीं, औषधि नियंत्रण विभाग को मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण कर प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर निगरानी रखने के लिए कहा गया।
बैठक में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चलाने, युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने तथा नशा पीड़ित व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से कार्य करने पर जोर दिया गया।